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अब व्यर्थ पानी बहाने वालो को 3महीने की सजा या 1लाख तक का देना होगा जुर्माना

Rajasthan/jaipur
सतही और भूजल दोनों को बचाने के लिए तथा इसकी सुरक्षा के लिए राजस्थान सरकार ने watter act के जलदाय मंन्त्री ने नोकरसाहो से चर्चा सुरु
कर दी है नई दिल्ली में होने वाली देश के सभी जलदाय मंत्रियो की बैठक में सभी प्रकार की जानकारी एकत्रित कर के उस पर मंथन किया जायेगा !
बैठक के बाद नियम बनाए जाएंगे फिलहाल इस बात पर ज्यादा जोर है कि पानी का दुरूपयोग करने पर सजा व् पेनल्टी को ज्यादा किया जाये जिससे पानी के दुरूपयोग को कम किया जा सके
राजस्थान में अभी भूजल दोहन या भूजल सरक्षण के लिए कोई भी महत्वपूर्ण कानून नही है
रिपोर्ट के मुताबिक भूजल संकट के स्तर पर आ चुका है


अब हालात चिंताजनक बन गए तो किया फोकस



विषेशज्ञयो की माने तो राजस्थान में प्रतिवर्ष लगभग 1.5 लाख मिलियन क्यूबिक मीटर तक की बारिश होती है जिसमे से लगभग 28 हज़ार क्यूबिक पानी तो बेसिन में चला जाता है तथा 15 हज़ार क्यूबिक पानी प्राकर्तिक तरीको से सरक्षित हो जाता है
यहां सबसे अधिक महत्वपूर्ण बात ये हे के बाकी बचे 1लाख क्यूबिक पानी का कोई रिकॉर्ड भी नही ह की वे कहाँ जाता है क्या काम आता है



नये नियमो में आम आदमी की जिम्मेदारी तय होगी 


घरेलू उपयोग 

गर पर पानी के दुरूपयोग रोकने की जिम्मेदारी लेनी होगी

व्यसायिक उपयोग 

उद्दोगों में काम में लिए पानी को फ़िल्टर कर के फिर से काम लेने योग्ये बनाया जायेगा


यह होगी सजा तथा पलेंटी

3महीने से लेकर 1साल तक की सजा
10हज़ार से लेकर 1लाख रूपए तक पलेंटी

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