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प्रदूषण के प्रभाव को खत्म कर शरीर को स्वस्थ बनाता इनका सेवन

प्रदूषण के प्रभाव को खत्म कर शरीर को स्वस्थ बनाता इनका सेवन


आज पृथ्वी पर बढ़ते हुए औद्योगीकरण से प्रदूषण बहुत बढ़ गया है बढ़े हुए प्रदूषण से सभी परेशान हैं खाने के साथ साथ स्वास लेने के दौरान भीतर जाने वाली प्रदूषित हवा से बचने में हम असहाय है ऐसे में प्रदूषण के असर को कम करने वाली कुछ चीजें उपयोगी साबित हो सकती है जो निम्न प्रकार है


*केला*
शरीर में पोटेशियम की कमी हो जाने के कारण सांस लेने में तकलीफ आने लगती है पोटेशियम की कमी केले के सेवन से पूरी हो जाती है क्योंकि केला पैरेडोक्सिन विटामिन बी 6 का बहुत अच्छा स्रोत होता है जो शरीर में उन मॉलिक्यूल के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है इसके साथ ही सीताफल बी विटामिन बी सिक्स का अच्छा स्रोत है
*लोंग*
शरीर में गले तथा भोजन नली में उपस्थित कफ को पटाने में लोंग बहुत ही महत्वपूर्ण है साथ ही सांस नली में पनपे इंफेक्शन को भी रोकता है लोंग की बनी चाय भी लाभकारी होती है
*लेहसुन*
फेफड़ों में उत्पन्न तनाव को लहसुन घटाने में मदद करता है और फेफड़ो  तक रक्त का संचार करने वाली नलिका को भी तंदुरुस्त रखता है
*अंगूर*
अंगूर के सेवन से फेफड़ो की कोशिकाओं की परत की सूजन कम हो जाती है जिससे फेफड़े प्रदूषित वायु के साथ आए हुए प्रदूषित कणों से लड़ने में सक्षम होते हैं
*आंवला*
प्रदूषित पर्यावरण में रहने पर प्रदूषित वायु द्वारा फेफड़ो का जो नुकसान होता है उसे कम करने के लिए विटामिन सी आवश्यक होता है विटामिन सी की पूर्ति आंवले के द्वारा होती है इसके अलावा विटामिन सी संतरा तथा अमरूद में भी पाया जाता है
*पुदीना*
प्रदूषित करो से लगातार लड़ते रहने के लिए हमारे शरीर द्वारा हिस्टेमाइन नाम के रसायन स्त्राव करता है इस लड़ाई के परिणाम स्वरूप साइड इफेक्ट के रूप में नाक का बंद हो जाना बलगम आना तथा छींके आना होता है पुदीने के सेवन से इस प्रकार के साइड इफेक्ट नहीं होते  है
*हल्दी*
अरे शरीर में उपस्थित नलियो मैं आई रुकावट को दूर करने के लिए हल्दी महत्वपूर्ण होती है हल्दी के सेवन से खांसी दमा जैसी स्वसन संबंधी बीमारियां कम होती है तथा इसके सेवन से फेफड़ों की सूजन भी कम होती है
*सेब*
सेब का सेवन फेफड़ों की क्षमता को बढ़ाता है जैसे स्वास लेना आसान होता है
*गाजर*
लगातार प्रदूषित वायु के संपर्क में रहने से आंखों की रोशनी कम होती चली जाती है आंखों की रोशनी मैं आई कमी बेटा कैरोटीन की कमी के कारण होती है गाजर में बेटा कैरोटीन उपस्थित होता है इससे गाजर के सेवन से आंखों की रोशनी तेज होती है साथ ही गाजर का सेवन हमारे फेफड़ों को प्रदूषित वायु के प्रभाव से उत्पन्न विष से भी मुक्त करता है

*अलसी*
प्रदूषित वातावरण में रहने के फल स्वरुप सामान्यता एलर्जी उत्पन्न हो जाती है एलर्जी के प्रभाव को कम करने में अलसी का महत्वपूर्ण योगदान है इसके सेवन से एलर्जी नहीं होती है
*अदरक*
प्रदूषित वायु जब श्वास नली के माध्यम से  फेफड़ों तक पहुंचती है तो प्रदूषित कन फेफड़ों से चिपक जाते हैं अदरक के सेवन से फेफड़ों में चिपके प्रदूषित कर अपनी जगह छोड़ देते हैं जिस से फेफड़ों का नुकसान कम होता है
*ग्रीन* *टी*

ग्रीन टी के सेवन से फेफड़ों में उपस्थित प्रदूषित कणों को बाहर निकालने में आसानी होती है इस प्रकार प्रदूषित कणों के बाहर निकलने पर फेफड़े पूर्ण क्षमता से कार्य कर पाते हैं

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