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कुलभूषण जाधव मामला जाधव पर आरोप नहीं उन्हें रिहा किया जाए भारत

कुलभूषण जाधव मामला जाधव पर आरोप नहीं उन्हें रिहा किया जाए भारत

कश्मीर के पुलवामा शहर में हुवे आंतकवादी हमले से भारत और पाकिस्तान के बीच में पनपे तनाव के बीच सोमवार को हेग मैं स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में भारत के नौसेना के पूर्व कमांडर कुलभूषण जाधव मामले में सोमवार को सार्वजनिक सुनवाई हुई इसमें पहले चरण में दोनों पक्षों को अपनी अपनी दलीलें रखने के लिए 3-3 घंटों का समय दिया गया
4 दिन तक चलने वाली इस सुनवाई में भारत की ओर से उपस्थित वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने दलील पेश की उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का आचरण इस बात का बिल्कुल भी विश्वास नहीं दिलाता की कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान में न्याय मिल सकता है पाकिस्तान ने भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को हिरासत में लेकर उस ब्लूचीसेतान मैं एक अशांति पैदा करने वाली आंतकी तथा भारतीय एजेंट के रूप में पाकिस्तान द्वारा दिखाया गया है पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ झूठा माहौल बनाने के लिए कुलभूषण जाधव का इस्तेमाल किया है
कथा पाकिस्तान ने वियाना समझौते का उल्लंघन भी किया है पाकिस्तान ने वियना समझौते पर स्वयं की सहमति से हस्ताक्षर किए थे परंतु उनका उल्लंघन भी स्वयं ने ही किया बिना किसी जुर्म तथा बिना किसी सबूत के पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव को सजा सुना दी तथा पाकिस्तान की सैन्य अदालत भी क़ानूनी प्रक्रिया के न्यूनतम मानको को पूर्ण नहीं कर पाई इसलिए इसे गैरकानूनी घोषित किया जाए
इसमें कोई संदेह नहीं है कि जाधव का अपहरण हुआ भारत के पास जाधव के अपहरण के सबूत भी है पाकिस्तान ने जाधव के मानवाधिकारों का उल्लंघन भी किया है पाकिस्तान की कहानी वही घिसी पिटी और टूटी फूटी है उसके पास एक भी सबूत नहीं है की जाधव भारतीय एजेंट के रूप में अशांति पैदा करनेवाले आंतकी गतिविधियों में शामिल था
पाकिस्तान ने जाधव को हिरासत में लेकर जबरदस्ती उसे अपराध कबूल करवाया इस मामले में काफी दिन तक एफ आई आर भी दर्द नहीं हुइ 
अप्रैल 2016 में कुलभूषण जाधव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई तथा मई 2016 में कुलभूषण जाधव से पूछताछ की गई
इस संपूर्ण मामले में कुलभूषण जाधव को वकील भी नहीं दिया गया पाकिस्तानी अदालत ने आरोपपत्र और सैन्य अदालत का आदेश कभी भी सार्वजनिक नहीं किया भारत ने जाधव की पहचान साबित करने के लिए पाकिस्तान को कई बार पर्याप्त सबूत भी भेजें
इस मामले में भारत के वकील हरीश साल्वे ने कहा कि पाकिस्तान जाधव के आरोपों को भी साबित नहीं कर पाया तथा यह भी नहीं बताया कि उसे मौत की सजा किस जुर्म में मिल रही है साथ में उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ फर्जी पासपोर्ट के लिए कुलभूषण जाधव को मौत की सजा नहीं दी जा सकती
भारत के अनुसार कुलभूषण जाधव ने नौसेना से समय से पूर्व ही सेवानिवृत्ति ले ली थी तथा अपना व्यापार शुरू कर लिया इसी सिलसिले में इरान गए थे इसी दौरान मार्च 2016 में बलूचिस्तान की सीमा के क़रीब ईरान के सरबाज नामक शहर मैं मौलाना उमर इरानी अपहरण करके पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आई एस आई को सौंप दिया उन पर भारतीय जासूस होने का आरोप लगाते हुए पाकिस्तान सेना के फील्ड जनरल की अदालत ने तकरीबन आधे महीने के कथित मुकदमे के बाद 10 अप्रैल 2017 को फांसी की सजा सुना दी गई पाकिस्तान के अनुसार उन्हें भारतीय खुफिया एजेंसी रो के लिए कथित रूप से जासूसी करने का आरोप लगाकर उन्हें गिरफ्तार किया गया है वह पाकिस्तानी चाबहार मैं एक फर्जी पासपोर्ट और भारत के महाराष्ट्र राज्य में जन्मे हुसैन मुबारक पटेल के नाम से घुसे थे
कुलभूषण जाधव की जांच करने के लिए पाकिस्तान में संयुक्त जांच टीम बनाई गई लेकिन उस जांच के बारे में कोई भी जानकारी उपलब्ध नहीं है तथा पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव को अपने अधिकारों के बारे में भी कोई जानकारी नहीं दी इसके साथ ही पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव पर 3 साल तक अत्याचार किया
भारत द्वारा कुलभूषण जाधव के सभी अधिकारों की रक्षा करने का पूर्ण प्रयास किया जा रहा है तथा उसे सुरक्षित वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है इस क्षेत्र में हर स्तर की मुमकिन कोशिश की जा रही है

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