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क्या ख़तम होगी धारा 370 ?

क्या ख़तम होगी धारा 370 ?

क्या खत्म होगी धारा 370

कश्मीर जो भारत का एक महत्वपूर्ण अंग है कश्मीर में चारों और आग लगी हुई है
कश्मीर का पुलवामा शहर जहां 14 फरवरी 2019 को आत्मघाती आंतकवादी हमले में 40 से ज्यादा सीआरपीएफ के जवान शहीद हो गए थे वहां पुलवामा में पिछले 18 घंटों से 
 फिर जबरदस्त मुठभेड़ हुई है
मुठभेड़ के अंदर एक मेजर समेत चार अन्य सैनिक भी शहीद हो गए तथा एक कर्नल वह कैप्टन और कुछ अन्य सैनिक भी घायल हुए हैं इसके साथ ही दो नागरिक जो कश्मीर के थे वह भी मुठभेड़ में मारे गए
पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड की मौत सेना के लिए एक बड़ी सफलता है उसको मौत के घाट उतार दिया गया वरना मैं और न जाने कितने आतंकियों को आत्मघाती प्रशिक्षण देता
लेकिन जिस तरह से वहां के स्थानीय लोग आंतकवादीयो के लिए एक डाल बन रहे हैं तथा उन्हें शरण दे रहे हैं सुरक्षाबलों पर पथराव कर रहे हैं तथा उन्हें भगाने का प्रयास कर रहे हैं यह एक महत्वपूर्ण चिंता का विषय है
भारतीय सेना और सुरक्षाबलों के इतने बड़े पैमाने पर उपस्थित होने पर भी वहां के लोग आतंकियों को अपने घर में गुस्सा कर उन्हें पनाह दे रहे हैं 
14 फरवरी 2019 की घटना के बाद भारत पाकिस्तान पर चारों ओर से दबाव बनाने का प्रयास कर रहा है भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी पाकिस्तान को आंतकवादीयो शरण स्थली साबित करने में भी कामयाबी हासिल हुई है कश्मीर घाटी में भी पाकिस्तान देश के एजेंट के रूप में कार्य कर रहे कुछ अलगाववादी नेताओं की सरकारी सुरक्षा भी वापस ले ली गई है
भारतीय सेना के जवानों को भी खुली छूट प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा दे दी गई है इसी का परिणाम है की पुलवामा के मास्टरमाइंड तथा उसके दो साथियों को मौत के घाट उतार दिया गया
पहले भी संसद पर हमला मुंबई हमला जयपुर पुणे और गुजरात में हुए आतंकी हमलों के बाद में इसी तरह के प्रयास हुए लेकिन उनके परिणाम क्या निकले कुछ दिन शांति बनी रही फिर वही आंतकी और वही पाकिस्तान
पाकिस्तान का मीडिया तथा सरकार जेस सरगना मसूद अजहर के खिलाफ भारत से सबूत मांग रहा है अब मुद्दे की बात यह है कि भारत किसी तीसरे पक्ष को सबूत क्यों दे अब समय आ गया है की संपूर्ण भारत को मिलकर के एक फोर्स निर्णय करना होगा
जम्मू कश्मीर के मामले में धारा 370 एक महत्वपूर्ण तथा सबसे बड़ी वादा है सबसे पहले तो इसे हटाने का सर्व सम्मत निर्णय
यदि संसद का एक विशेष सत्र इसके लिए आहूत करना पढ़े दो फिर जल्दी किया जाए पिछड़े हुए राज्य को मिलाने वाली कुछ विशेषाधिकार वहां जरूरत के हिसाब से जरूर दिए जा सकते हैं लेकिन अलगाववाद की इजाजत बिल्कुल नहीं दी जा सकती है अब इसमें शेष सवाल रहा पाकिस्तान का तो वह धारा 370 के हटने के बाद अपने आप ही पीछे हट जाएगा इसके लिए सबसे पहले तो कश्मीर घाटी के साथ पूरा भारत खड़ा है यह पाकिस्तान को जताना होगा
पाकिस्तान को ऐसा एहसास होने के बाद वह गीदड़ की भांति दुम दबा लेगा तथा कश्मीर में पनपे आंतकवाद का खात्मा जरूरी है

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