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विधायक हनुमान बेनीवाल का जीवन परिचय

विधायक हनुमान बेनीवाल का जीवन परिचय जन्म स्थान =बरन गांव पिता का नाम रामदेव जी चौधरी
जोकि मूंडवा विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रह चुके थे हनुमान बेनीवाल ने अपनी राजनीतिक जीवन का क्षेत्र राजस्थान यूनिवर्सिटी जयपुर से अध्यक्ष बनकर शुरुआत की सन 2008 में भारतीय जनता पार्टी से खींवसर विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने और भारी मतों से विजय हुए खींवसर से भी नहीं पूरे नागौर जिले में भारी मतों से विजय हुई और सन 2013 में निर्दलीय उम्मीदवारों कर भारी मतों से विजय हुई और कांग्रेस और बीजेपी के उम्मीदवारों की जमानत जप्त करा दी सन 2013 में नरेंद्र मोदी ने भी कुचेरा में जनसभा रखी फिर भी हनुमान बेनीवाल कोई असर नहीं हुआ सन 2008 से 2018 तक विधानसभा में सबसे ज्यादा सवाल उठाने वाले मात्र राजस्थान के एक विधायक हनुमान बेनीवाल खींवसर विधानसभा क्षेत्र से सन 2017 में हुकार महारैली नागौर में जिसमें 500000 लोग इकट्ठे हुए थे नागौर की रैली में राजस्थान की सभी रैलियों का इतिहास बदल दिया किरोडी लाल मीणा भी नागौर रैली में साथ में थे वह भी हनुमान बेनीवाल की तरह भरतपुर करौली धौलपुर अलवर में दबदबा है दूसरी महारैली बाड़मेर में की गई जिसमें 700000 लोग इकट्ठे हुए थे उस रेली ने नागौर की भी रैली का इतिहास बदल दिया बाड़मेर रैली के बाद किरोडी लाल मीणा ने हनुमान बेनीवाल को धोखा दे दिया और भारतीय जनता पार्टी जॉइन कर ली
तीसरी हुकार महारैली बीकानेर जिसमें 800000 लोग इकट्ठे हुए थे नागौर और बीकानेर दोनों रैलियों का इतिहास बदल दिया चतुर्थ हुकार किसान महारैली सीकर जिसमें 900000 लोग इकट्ठे हुए थे नागौर बीकानेर बाड़मेर का भी इतिहास बदल दिया पांचवी पुकार किसान महारैली जयपुर जिसमें 1000000 लोग इकट्ठे हुए थे इन चारों रैलियों का रिकॉर्ड तोड़ दिया था और उसमें राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी की घोषणा की गई जिसका चुनाव चिन्ह बोतल था 200 विधानसभा सीटों में से 57 सीटों पर प्रत्याशी खड़े किए गई थी जिसमें से 15 पर भारी टक्कर हुई थी 3 सीटों पर विजय प्राप्त हुई प्रथम विधानसभा क्षेत्र खींवसर से हनुमान बेनीवाल 17000 वोटों से विजय हुए दूसरी विधानसभा क्षेत्र मेढ़ता से इंदिरा देवी बावरी 15000 वोटों से विजय हुई और तृतीय विधानसभा क्षेत्र भोपालगढ़ पुखराज गर्ग 15 वोटों से विजय हुए , हनुमान बेनीवाल का परिवार उनकी धर्मपत्नी कनिका चौधरी और उनका बेटा आशुतोष बेनीवाल और उनका भाई नारायण बेनीवाल

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